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पेयजल संकट से निपटने, कलेक्टर अभिजीत सिंह का बड़ा फैसला, 30 जून या मानसून तक रहेगा आदेश लागू!

दुर्ग// गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए, जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, अभिजीत सिंह ने जिले में बिना अनुमति नए नलकूप (बोरवेल) खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के तहत जारी किया गया है और 30 जून 2026 अथवा मानसून के आगमन तक प्रभावी रहेगा।
प्रशासन का कहना है कि भूजल स्तर में लगातार गिरावट और गर्मी के दौरान बढ़ती पानी की मांग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि जिले के नागरिकों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सके और भूजल के अनियंत्रित दोहन पर रोक लगाई जा सके।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना अनुमति बोरवेल खनन कराने वालों तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
केवल पंजीकृत एजेंसियों से ही होगा खनन
जारी आदेश के अनुसार जिले में नलकूप खनन अथवा मरम्मत का कार्य केवल पंजीकृत बोरवेल एजेंसियों के माध्यम से ही कराया जा सकेगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति बोरवेल खुदवाने या अवैध खनन कराने पर अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध बोरवेल खनन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
इन अधिकारियों को दी गई अनुमति की जिम्मेदारी
जिले में नलकूप खनन की अनुमति देने के लिए क्षेत्रवार अधिकारियों को अधिकृत किया गया है—
नगर निगम दुर्ग, भिलाई और रिसाली क्षेत्र – अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग
राजस्व अनुविभाग दुर्ग के शेष क्षेत्र – एसडीएम दुर्ग
राजस्व अनुविभाग धमधा – एसडीएम धमधा
राजस्व अनुविभाग पाटन – एसडीएम पाटन
राजस्व अनुविभाग भिलाई-3 – एसडीएम भिलाई-3
ये अधिकारी स्थल निरीक्षण, जांच और आवश्यक रिपोर्ट के आधार पर ही नलकूप खनन की अनुमति प्रदान करेंगे।
पेयजल व्यवस्था के लिए सरकारी संस्थाओं को छूट
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शासकीय और अर्धशासकीय संस्थानों के साथ-साथ नगरीय निकायों को अपने क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नलकूप खनन की अनुमति रहेगी, लेकिन उन्हें भी निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।
प्रशासन की अपील…..
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और भूजल संरक्षण में सहयोग दें, ताकि जिले में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।

Dhanendra Namdev

Editor, IND24tv.com

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