अंजोरा चौकी क्षेत्र में लगातार चोरी-चाकूबाजी से बढ़ी चिंता, CCTV सुराग के बावजूद आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर…
रसमड़ा में अजय ट्रेडर्स समेत दो अन्य फैक्ट्रियों में चोरी, एक बाइक पर तीन संदिग्धों के घूमने की जानकारी !

चाकूबाजी, चोरी के मामले में भी CCTV फुटेज से मिले सुराग, लगातार वारदातों के बीच पुलिस पेट्रोलिंग और क्राइम ब्रांच टीम पर सवाल, आखिर कब पकड़े जाएंगे आरोपी…?
दुर्ग ग्रामीण// अंजोरा चौकी क्षेत्र में चोरी और चाकूबाजी की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने पुलिस की पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते कुछ दिनों के भीतर रसमड़ा क्षेत्र में अजय ट्रेडर्स समेत दो अन्य फैक्ट्रियों में चोरी की घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है। लगातार वारदातों से क्षेत्र के व्यापारियों और फैक्ट्री संचालकों में चिंता बढ़ रही है।
बताया जा रहा है कि चोरी की घटनाओं से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियां CCTV कैमरों में कैद हुई हैं। फुटेज में एक बाइक पर तीन लोग सवार होकर क्षेत्र में घूमते नजर आने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग स्थानों पर चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस इन फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
क्राइम ब्रांच भी जांच में जुटी, फिर भी आरोपी पकड़ से दूर
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम भी जांच और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। CCTV फुटेज समेत उपलब्ध सुरागों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बावजूद चोरी के मामलों में बताए जा रहे आरोपी अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाए हैं।
ऐसे में सवाल यह है कि जब CCTV फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण सुराग जांच टीम के पास मौजूद हैं और क्राइम ब्रांच भी आरोपियों की तलाश में जुटी है, तो आखिर आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर कैसे हैं?
चाकूबाजी मामले में भी आरोपी अब तक फरार….
अंजोरा चौकी क्षेत्र में कुछ दिन पहले चाकूबाजी की घटना भी सामने आई थी। बताया गया था कि एक बाइक पर सवार दो युवकों ने दो व्यक्ति पर चाकू से हमला किया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस मामले में भी CCTV फुटेज से आरोपियों तक पहुंचने के लिए सुराग मिलने की बात सामने आई थी, लेकिन आरोपी अब तक पुलिस गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं।
लगातार वारदातों से पेट्रोलिंग पर उठ रहे सवाल!
चोरी और चाकूबाजी की लगातार घटनाओं के बीच क्षेत्र में पुलिस पेट्रोलिंग को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रात के समय संवेदनशील इलाकों में गश्त कितनी प्रभावी है..? क्या पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग के बावजूद संदिग्धों को वारदात को अंजाम देने का मौका मिल रहा है..?
अब निगाहें पुलिस और क्राइम ब्रांच की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और लगातार हो रही वारदातों पर प्रभावी रोक लगाई जाएगी।



