आपराधिक गतिविधियों पर नहीं लगा अंकुश, मनीष माण्डले का एक साल का जिलाबदर !
2013 से अब तक मारपीट के 6, छेड़छाड़ और आबकारी एक्ट का एक-एक मामला; पहले भी हो चुकी है जिलाबदर की कार्रवाई !

दुर्ग। लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता और पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद सुधार नहीं होने पर दुर्ग पुलिस ने मनीष माण्डले के खिलाफ जिलाबदर की कार्रवाई कराई है। जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग द्वारा जारी आदेश के तहत उसे एक वर्ष की अवधि के लिए दुर्ग सहित सात जिलों की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में बिना सक्षम अनुमति प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।
पुलिस के अनुसार नागदेवता चौक, नगपुरा निवासी मनीष माण्डले, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव के विरुद्ध वर्ष 2013 से अब तक मारपीट के छह, छेड़छाड़ का एक तथा आबकारी एक्ट के तहत एक प्रकरण दर्ज है। पुलिस का कहना है कि उसकी आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए समय-समय पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई तथा उसे गुंडा बदमाश सूची में शामिल कर निगरानी रखी गई।
पहले भी हो चुकी है जिलाबदर की कार्रवाई !
पुलिस के मुताबिक मनीष माण्डले के खिलाफ इससे पहले भी जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग के आदेश दिनांक 12 नवंबर 2018 के तहत जिलाबदर की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियां जारी रहने पर थाना पुलगांव पुलिस ने उसके आपराधिक अभिलेख, जरायम सूची एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों के आधार पर दोबारा जिलाबदर का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
प्रस्तुत अभिलेखों एवं साक्ष्यों के परीक्षण के बाद जिला दण्डाधिकारी, दुर्ग ने 24 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 के तहत जिलाबदर का आदेश जारी किया।
सात जिलों की सीमाओं में प्रवेश पर रोक…
जारी आदेश के अनुसार मनीष माण्डले को दुर्ग, रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बालोद और धमतरी जिलों की सीमाओं में बिना अनुमति प्रवेश करने पर प्रतिबंध रहेगा।
उसे आदेश की तिथि से एक सप्ताह के भीतर इन जिलों की सीमाओं से बाहर चले जाने तथा आगामी एक वर्ष तक सक्षम अनुमति के बिना वापस प्रवेश नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
2025-26 में भी हुई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई !
पुलिस के अनुसार अपराधों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मनीष माण्डले के विरुद्ध समय-समय पर प्रतिबंधात्मक प्रकरणों में इस्तगासा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। वर्ष 2025 और 2026 में भी उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इसके बावजूद आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लगने पर पुनः जिलाबदर की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया।
इस कार्रवाई में थाना पुलगांव प्रभारी गुरविंदर सिंह संधू एवं चौकी नगपुरा उप निरीक्षक खेलन सिंह साहू की भूमिका रही। पुलिस द्वारा आपराधिक अभिलेख एवं संबंधित दस्तावेज जिला दण्डाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। साथ ही अभियोजन साक्षियों के कथन भी अभिलिखित कराए गए।
पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर लगातार निगरानी रखते हुए अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।



