एडीआर सेमिनार में न्यायाधीशों ने दी कानूनी जागरूकता की अहम सीख…

सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय में हुआ प्रभावशाली आयोजन!
दुर्ग// कानूनी शिक्षा को व्यवहारिक दृष्टिकोण से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, सेठ रतनचंद सुराना विधि महाविद्यालय दुर्ग में Alternative Dispute Resolution (ADR) विषय पर एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम खंड-02 द्वितीय वर्ष (चतुर्थ सेमेस्टर) के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया गया, जिसमें “सतर्कता हमारी साझा जिम्मेदारी है” विषय पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के स्थायी लोक अदालत की अध्यक्ष सहित जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग के न्यायाधीशगण एवं अनुभवी मीडिएटर अधिवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। अतिथियों का महाविद्यालय परिसर में पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।
ADR की बारीकियों पर विशेष मार्गदर्शन..
सेमिनार के दौरान न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को संविधान एवं ADR की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक विवाद निवारण (ADR) न्याय प्राप्ति का एक सरल, त्वरित एवं प्रभावी माध्यम है, जिसमें लोक अदालत एवं मीडिएशन जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। इन विधियों के माध्यम से विवादों का समाधान बिना लंबी न्यायिक प्रक्रिया के संभव है, जिससे समय, धन एवं ऊर्जा की बचत होती है।
न्यायाधीशों ने मीडिएशन की अवधारणा को महाभारत के प्रसंगों से जोड़ते हुए अत्यंत रोचक एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया, जिससे विद्यार्थियों को विषय को समझने में आसानी हुई।
साइबर फ्रॉड से बचाव पर भी दी गई, अहम जानकारी
कार्यक्रम में आधुनिक समय की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए साइबर अपराध एवं फ्रॉड के विभिन्न प्रकारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग रहने एवं आवश्यक सावधानियां अपनाने के उपाय बताए गए।
विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी….
सेमिनार में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया एवं विभिन्न विधिक विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीशों ने सरल, स्पष्ट एवं संतोषजनक उत्तर देकर समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों को कानून के प्रति सम्मान एवं उसके पालन की शपथ दिलाई गई।
राज्यगीत के साथ हुआ समापन…
कार्यक्रम का समापन राज्यगीत के साथ गरिमामयी वातावरण में किया गया। यह विधिक साक्षरता शिविर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।
इस आयोजन ने न केवल विधि विद्यार्थियों के ज्ञान को समृद्ध किया, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक किया।



