नगर पंचायत में करोड़ों के निर्माण कार्यों पर घोटाले के आरोप, कमीशनखोरी और घटिया निर्माण से मचा हड़कंप जानिये पूरा मामला …?

कबीरधाम// नगर पंचायत बोड़ला में अधोसंरचना मद से कराए जा रहे करोड़ों रुपये के निर्माण कार्य अब गंभीर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने इंजीनियर और ठेकेदार की कथित मिलीभगत से बड़े पैमाने पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, वार्ड के स्थानीय लोगों का कहना है कि तकनीकी निगरानी बेहद कमजोर है, जिससे ठेकेदार मनमानी पर उतारू हैं। वहीं गुणवत्ता नियंत्रण के जिम्मेदार अधिकारी भी प्रभावी निरीक्षण नहीं कर रहे, जिससे भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिल रहा है। वार्ड क्रमांक 10 स्थित हिंदू संगम परिसर सहित नगर पंचायत क्षेत्र में आरसीसी नाली-नाला, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक शौचालय, कलवर्ट, प्रवेश द्वार, ओवरहेड टैंक एवं हॉल जैसे अनेक निर्माण कार्य जारी हैं। आरोप है कि इन कार्यों में स्वीकृत इस्टीमेट और तकनीकी मापदंडों की खुलकर अनदेखी की जा रही है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिणामस्वरूप करोड़ों की लागत से बन रहे निर्माण कार्य शुरुआत में ही दम तोड़ते नजर आ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तकनीकी निगरानी बेहद कमजोर है, जिससे ठेकेदार मनमानी पर उतारू हैं। वहीं गुणवत्ता नियंत्रण के जिम्मेदार अधिकारी भी प्रभावी निरीक्षण नहीं कर रहे, जिससे भ्रष्टाचार को खुला संरक्षण मिल रहा है।
जांच और कार्रवाई की मांग तेज
नागरिकों ने मांग की है कि सभी निर्माण कार्यों की स्वतंत्र तकनीकी टीम से निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि अनियमितता और भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो संबंधित इंजीनियर, ठेकेदार और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट कर जांच पूरी होने तक भुगतान पर तत्काल रोक लगाने की भी मांग उठाई गई है।
सबसे बड़ा सवाल—कार्रवाई या लीपापोती..?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या शासन और जिला प्रशासन इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, या फिर यह मामला भी कागजों तक ही सिमट कर रह जाएगा।
इस संबंध में जनता ने नगर पंचायत के सीएमओ और संबंधित इंजीनियर से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों अधिकारियों ने कॉल रिसीव नहीं किया।
कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत में अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर आम जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



