बीते 72 घंटे बाद भी नोटिस के जवाब नहीं! कोठारी हत्याकांड में पद्मनाभपुर थाना प्रभारी की बढ़ीं मुश्किलें, अब SP के फैसले पर नजर…?

दुर्ग// पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुंदरापारा के चर्चित लेखराम कोठारी हत्याकांड में पद्मनाभपुर थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) हर्षित मेहर द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब अब तक नहीं दिया गया है, जबकि नोटिस में स्पष्ट रूप से “लौटती डाक से” स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस जारी होने के 72 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सीएसपी कार्यालय को जवाब नहीं मिलने की जानकारी सामने आई है।
सीएसपी कार्यालय ने हत्याकांड में थाना प्रभारी की कथित लापरवाही को लेकर नोटिस जारी किया था। इसमें वरिष्ठ अधिकारियों को समय पर सूचना नहीं देने, घटनास्थल पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई नहीं करने, हत्या से पहले हुए विवाद में प्रभावी कानूनी कार्रवाई नहीं करने तथा अस्पताल से आरोपी के फरार होने जैसी गंभीर बातों का उल्लेख किया गया था। सूत्रों के अनुसार, अब थाना प्रभारी का स्पष्टीकरण मिलने के बाद ही विभाग आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
इस बीच हत्याकांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी आगे बढ़ी है। मुख्य छह आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका था। वहीं अब घटना में शामिल 12 अन्य आरोपियों पर भी प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है। इनमें देवेंद्र बघेल, सुंदरलाल चेलक, करण चेलक, भारत चेलक, सूरज चेलक, सोमेश बंजारे, कमल बंजारे, जोगेंद्र धृतलहरे, मनीष गायकवाड़, दीपक टंडन, संजय साहू और भुवनेश्वर धारिया शामिल हैं।
घटना में घायल आरोपी लक्ष्मी चेलक का उपचार जारी है, जबकि दूसरे घायल गोपा उर्फ सूर्यदेव कोठारी की मंगलवार रात तबीयत बिगड़ने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस महकमे में एक पुराना मामला भी चर्चा में है। वर्ष नवम्बर 2025 में सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में संतोष आचार्य हत्याकांड के बाद तत्कालीन थाना प्रभारी तापेश्वर सिंह नेताम को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया था, जबकि उस मामले में पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि जब पद्मनाभपुर थाना प्रभारी प्रमोद रूसिया को विभागीय नोटिस जारी हो चुका है और निर्धारित समय में जवाब भी नहीं दिया गया है, तो क्या दुर्ग पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल उनके खिलाफ भी सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करेंगे..?
फिलहाल पूरे पुलिस महकमे और शहरवासियों की नजर इसी फैसले पर टिकी हुई है।



