प्लास्टिक पर निगम की सख्ती: पांच दुकानों से ₹4,900 जुर्माना, लेकिन चखना सेंटरों पर कार्रवाई कब…?
इंदिरा मार्केट में प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ चालानी कार्रवाई; शराब दुकानों के आसपास खुलेआम डिस्पोजल और पानी पाउच के इस्तेमाल पर उठे सवाल..

दुर्ग// शहर को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए दुर्ग नगर निगम ने प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। नगर निगम कमिश्नर लीना कोसम के निर्देश पर अतिक्रमण विभाग एवं बाजार विभाग की संयुक्त टीम ने इंदिरा मार्केट क्षेत्र में दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पांच दुकानों में प्रतिबंधित प्लास्टिक पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 4,900 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
निगम के मुताबिक कार्रवाई के दौरान जैन प्लास्टिक से 1,200 रुपये, गोयल डिस्पोजल से 1,000 रुपये, संजय प्लास्टिक से 1,000 रुपये, हरिराम प्लास्टिक से 700 रुपये और पंकज ट्रेडर्स से 1,000 रुपये का जुर्माना लिया गया। टीम ने दुकानदारों को प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग, बिक्री एवं भंडारण से दूर रहने की समझाइश भी दी तथा दोबारा उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी।
लेकिन सवाल कार्रवाई की समानता पर…
निगम की इस कार्रवाई के बीच शहर में एक अहम सवाल भी चर्चा में है। यदि प्रतिबंधित प्लास्टिक और डिस्पोजल के खिलाफ निगम की कार्रवाई लगातार जारी है, तो शराब दुकानों के आसपास संचालित चखना सेंटरों में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक डिस्पोजल और पानी के पाउच पर भी क्या इसी तरह की निगरानी हो रही है..?
स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि जहां बाजार की दुकानों में प्लास्टिक मिलने पर तत्काल चालान काटे जा रहे हैं, वहीं शराब दुकानों के आसपास चखना सेंटरों पर प्लास्टिक डिस्पोजल और पानी के पाउच के इस्तेमाल की शिकायतों पर निगम की कार्रवाई की स्थिति क्या है..?
सिर्फ दुकानों तक सीमित रहेगी मुहिम या हर जगह होगी कार्रवाई…?
नगर निगम की ओर से शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने और पर्यावरण संरक्षण की बात कही जा रही है। ऐसे में नागरिकों के बीच यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि नियमों का पालन सभी व्यापारिक क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर समान रूप से कराया जाए।
सवाल यह नहीं कि पांच दुकानदारों पर कार्रवाई क्यों हुई—सवाल यह है कि जहां-जहां प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल हो रहा है, वहां निगम की निगरानी और कार्रवाई कितनी प्रभावी है..?
यदि शराब दुकानों के आसपास संचालित चखना सेंटरों पर भी प्रतिबंधित प्लास्टिक या डिस्पोजल का उपयोग नियमों के विपरीत पाया जाता है, तो वहां भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि वहां कोई उल्लंघन नहीं है तो निगम प्रशासन द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने से उठ रहे सवालों पर विराम लग सकता है।
निगम के सामने बड़ा सवाल…
प्लास्टिक के खिलाफ अभियान सिर्फ चालान तक सीमित रहेगा या शहर के हर उस स्थान तक पहुंचेगा, जहां नियमों का उल्लंघन हो रहा है…?
निगम प्रशासन का अभियान आगे भी जारी रहने की बात कही गई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले दिनों में यह कार्रवाई सभी क्षेत्रों में समान रूप से दिखाई देती है या नहीं।



