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पद्मनाभपुर थाना की कार्यशैली पर सवाल, पीड़ित खुद जुटाता रहा CCTV… CSP के हस्तक्षेप के बाद 4 संदिग्ध हिरासत में!

दुर्ग// शहर के बस स्टैंड क्षेत्र में देर रात कार सवार युवकों के साथ मारपीट और कथित लूट का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़ित द्वारा पद्मनाभपुर थाने में शिकायत किए जाने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगे हैं। मामले में CSP IPS हर्षित मेहर के हस्तक्षेप के बाद पुलिस सक्रिय हुई और चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई है।

कार की टक्कर के बाद शुरू हुआ विवाद…

पीड़ित के मुताबिक, देर रात करीब 2 बजे वह अपने साथी के साथ कार से बस स्टैंड क्षेत्र में चाय-नाश्ता करने पहुंचा था। इसी दौरान एक टूर एंड ट्रैवल्स की गाड़ी ने उसकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर को लेकर जब पीड़ित ने आपत्ति जताई तो टूर एंड ट्रैवलर में सवार चार लोगों ने कथित तौर पर दोनों युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी।

पीड़ित का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसका मोबाइल फोन और नकदी भी ले ली गई।

थाने पहुंचे तो कार्रवाई के बजाय इंतजार…?

घटना के बाद पीड़ित तत्काल पद्मनाभपुर थाने पहुंचा और कार्रवाई की मांग की। आरोप है कि वहां तत्काल अपराध दर्ज करने के बजाय सादे कागज पर आवेदन लिया गया और सुबह थाना प्रभारी से मिलने के लिए कहा गया।

पीड़ित जब दोपहर करीब 12 बजे थाना प्रभारी के पास पहुंचा तो उसके अनुसार, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करने के बजाय घटना से संबंधित CCTV फुटेज खुद जुटाकर लाने को कहा।

पीड़ित ने प्रयास कर CCTV फुटेज हासिल किया और पुलिस को उपलब्ध कराया। इसके बावजूद तत्काल FIR दर्ज नहीं होने का आरोप लगाया गया। पीड़ित के मुताबिक, उसे यह बताया गया कि पहले आरोपियों की गिरफ्तारी होगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

CSP के पास पहुंचा पीड़ित, फिर पुलिस हुई सक्रिय..

थाना स्तर पर कार्रवाई में देरी से परेशान होकर पीड़ित ने सीधे दुर्ग CSP IPS हर्षित मेहर से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए CSP ने तत्काल पुलिस टीम को सक्रिय किया।

इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया, जिनसे घटना को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

थाना स्तर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल…?

इस पूरे घटनाक्रम ने पद्मनाभपुर थाना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पीड़ित के आरोप सही हैं तो सवाल यह है कि गंभीर घटना की शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई..? पीड़ित को स्वयं CCTV फुटेज जुटाने की स्थिति क्यों आई…? और उच्चाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस टीम सक्रिय क्यों हुई..?

हालांकि, मामले में पुलिस जांच पूरी होने और सभी तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

CSP ने क्या कहा..?

CSP IPS हर्षित मेहर के अनुसार, पीड़ित की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस ने संदेह के आधार पर चार लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अब बड़ा सवाल यह है कि मामले में पुलिस की शुरुआती कार्रवाई में देरी क्यों हुई और क्या पद्मनाभपुर थाना स्तर पर हुई कथित लापरवाही की भी जांच होगी…?

Dhanendra Namdev

Editor, IND24tv.com

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