छत्तीसगढ़दुर्ग जिलादुर्ग शहर

स्व. हेमचंद यादव ने जनता के लिए बनवाया पचरी घाट, रसूखदार ताराचंद रमेश कुमार जैन ने किया कब्जा…

गरीब की गुमठी पर बुलडोजर, रसूखदार के पक्के निर्माण पर प्रशासन मौन,दुर्ग में सवालों के घेरे में सुशासन!
दुर्ग// शहर में अवैध कब्जों का खेल बदस्तूर जारी है। आम जनता के हित में पूर्व मंत्री स्वर्गीय हेमचंद यादव द्वारा बनवाया गया पचरी घाट (पुलगांव) आज रसूखदारों की भेंट चढ़ चुका है। शहर के बड़े व्यापारी ताराचंद रमेश कुमार जैन पर आरोप है कि उन्होंने पचरी घाट के साथ-साथ नाले के बड़े हिस्से पर भी कब्जा कर निजी भवन का निर्माण कर लिया है।
शहर के मध्य, खंडेलवाल कॉलोनी से सटे क्षेत्र में करोड़ों की जमीन पर बाउंड्री वॉल खड़ी किए जाने की खबर सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा। विरोध और चर्चा बढ़ने पर भले ही बाउंड्री वॉल तोड़ने की शुरुआत की गई हो, लेकिन स्थानीय लोगों और किसानों का आरोप है कि अब भी कई किसानों की जमीन पर अवैध कब्जा बना हुआ है। इसके अलावा सरकारी नल के पास स्थित बहुमूल्य शासकीय भूमि पर कब्जे को लेकर भी शहर में आक्रोश है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि कोई गरीब परिवार सड़क किनारे रोज़ी-रोटी के लिए गुमठी लगा ले तो निगम और जिला प्रशासन तत्काल बुलडोजर चला देता है, लेकिन जब रसूखदार व्यापारी शासकीय भूमि और नाले के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ कर पक्का निर्माण करते हैं, तब प्रशासन की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
आरोप यह भी है कि ताराचंद रमेश कुमार जैन लंबे समय से शासकीय और किसानों की जमीन पर अवैध कब्जे का सिलसिला जारी रखे हुए हैं। खुलेआम नाले के स्वरूप को बदलना, सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर निजी निर्माण करना– ये सभी कृत्य प्रशासनिक लापरवाही या फिर पर्दे के पीछे किसी बड़े खेल की ओर इशारा करते हैं।
दूसरी ओर, आम जनता के लिए बनवाया गया पचरी घाट और मंदिर के आसपास की भूमि पर कब्जा होना, स्वर्गीय हेमचंद यादव के जनहितकारी कार्यों का अपमान माना जा रहा है। शहरवासियों की अपेक्षा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन की बात केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर भी दिखाई दे।
अब निगाहें जिला और निगम प्रशासन पर टिकी हैं, क्या प्रशासन रसूख के दबाव से ऊपर उठकर पचरी घाट और शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराएगा, या फिर नियम सिर्फ गरीबों के लिए ही लागू रहेंगे..? जनता स्पष्ट संदेश दे रही है, कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए, चाहे वह रसूखदार हो या आम नागरिक।

Dhanendra Namdev

Editor, IND24tv.com

Related Articles

Back to top button