विकास या विनाश..? कल्याणी इस्पात विस्तार पर बवाल, बिना अनुमति ही शुरू काम, प्रदूषण से सहमे ग्रामीण…?

राजनांदगांव,दुर्ग, रोजगार और विकास के वादों के बीच पर्यावरण व जनस्वास्थ्य पर मंडरा रहा गंभीर खतरा, ग्रामीणों ने जताई गहरी चिंता!
औद्योगिक विकास की आड़ में विनाश का खतरा! कल्याणी इस्पात लिमिटेड के विस्तार प्रस्ताव ने अंजोरा व आसपास के गांवों में हड़कंप मचा दिया है। कंपनी पर बिना अनुमति काम शुरू करने और प्रदूषण फैलाने के आरोप लगे हैं।
28 अगस्त// ग्राम अंजोरा में हुई लोक सुनवाई में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर परियोजना का विरोध किया।
कंपनी ने स्टील प्लांट की क्षमता दोगुने से अधिक बढ़ाने और क्षेत्रफल 38.68 हेक्टेयर से 84.021 हेक्टेयर तक विस्तार का प्रस्ताव रखा है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार और विकास के नाम पर प्रदूषण, बीमारियां और जलवायु संकट इस परियोजना की असलियत है।
गंभीर आरोप यह भी हैं…? कंपनी ने ग्रामीण समर्थन जुटाने के लिए पैसों और अपने स्वास्थ्यकर्मियों का इस्तेमाल किया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि पर्यावरण विभाग से अनुमति लिए बिना ही कंपनी ने काम शुरू कर दिया…? जो नियमों की सीधी अवहेलना है। ग्रामीणों का कहना है कि शुरुआत से ही नियम तोड़ने वाली कंपनी पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों की आवाज़
“कंपनियां शुरुआत में रोजगार और विकास के बड़े वादे करती हैं, लेकिन बाद में जनता को दरकिनार कर दिया जाता है। प्रदूषण और बीमारियों से जूझते लोग अकेले रह जाते हैं। लोक सुनवाई में ग्रामीणों की आपत्ति
अब नजरें प्रशासन पर हैं – क्या वह जनता की आवाज़ बनेगा और नियम तोड़ने वाली कंपनी पर कार्रवाई करेगा, या फिर विकास के नाम पर विनाश का रास्ता खुलेगा…?



