डेढ़ घंटे तक साईं मंदिर में मचाया तांडव, सुरक्षित माने जाने वाले सेक्टर-6 इलाके में बड़ी वारदात से पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल…?

भिलाई// छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण भिलाई सेक्टर-6 स्थित साई बाबा मंदिर में हुई सनसनीखेज डकैती से सामने आया है। देर रात 7 नकाबपोश बदमाश मंदिर परिसर में घुसे और बड़ी ही सुनियोजित तरीके से लाखों रुपये की चांदी की सामग्री लूटकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि वारदात के बाद भी अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पहले CCTV काटे, फिर गार्ड को बनाया बंधक
जानकारी के मुताबिक, बदमाश आधी रात के बाद मंदिर परिसर में दाखिल हुए। सबसे पहले उन्होंने मंदिर में लगे CCTV कैमरों के तार काट दिए ताकि वारदात का कोई सबूत न बच सके। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्ड को पकड़कर बेरहमी से पीटा और नाइलॉन की रस्सी से उसके हाथ-पैर बांधकर उसे बंधक बना लिया।
डेढ़ घंटे तक मंदिर में मचाया तांडव गार्ड को काबू में करने के बाद बदमाशों ने करीब डेढ़ घंटे तक मंदिर परिसर में बेखौफ होकर लूटपाट की। इस दौरान उन्होंने साई बाबा की मूर्ति के पीछे लगी चांदी की डिजाइन, छोटी मूर्ति के ऊपर लगी चांदी की छतरी और बड़ी संख्या में चांदी के सिक्के समेत लाखों रुपये की कीमती सामग्री समेट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी आसानी से फरार हो गए।
सुरक्षित इलाके में इतनी बड़ी वारदात, पुलिस पर उठे सवाल
भिलाई का सेक्टर-6 इलाका आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इतने बड़े धार्मिक स्थल में इस तरह की डकैती ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था मजबूत होती तो शायद इतनी बड़ी घटना को रोका जा सकता था।
क्राइम ब्रांच और पुलिस की जांच पर भी सवाल
घटना के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें जांच में जुटी हुई हैं, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इससे यह सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी बड़ी वारदात के बाद भी जांच की रफ्तार धीमी क्यों है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह पुलिस के लिए बड़ी विफलता मानी जाएगी।
स्थानीय लोगों में नाराजगी, जवाबदेही की मांग
घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और मंदिरों सहित सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
विश्वासनीय सूत्रों के माने तो कुछ आरोपी पुलिस के घेरे मे हैं…



