
पिथौरा// भुरकोनी क्षेत्र में रेत माफिया का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। अब हालात ऐसे हो गए हैं कि जनप्रतिनिधि भी सुरक्षित नहीं हैं। ग्राम कोड़ोपली की महिला सरपंच के साथ कथित रेत माफिया द्वारा सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना के दस दिन बाद भी पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
सार्वजनिक रूप से धक्का-मुक्की और गाली-गलौज
जानकारी के अनुसार 26 फरवरी को ग्राम कोड़ोपली की सरपंच सरिता राज सिंह दीवान के साथ गांव के ही बालेस सिन्हा नामक व्यक्ति ने, जिसे ग्रामीण रेत माफिया बता रहे हैं, गांव के सामने ही धक्का-मुक्की की। आरोप है कि उसने सरपंच को जातिसूचक और अश्लील गालियां दीं तथा गला काटकर फेंक देने की धमकी भी दी।
50 महिलाओं के साथ की शिकायत, फिर भी कार्रवाई नहीं…?
घटना के बाद सरपंच ने करीब 50 ग्रामीण महिलाओं के साथ एसपी कार्यालय और बुंदेली चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। लेकिन शिकायत के दस दिन बाद भी आरोपी के खिलाफ पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं।
सरपंच बोलीं – “गांव के सामने बेइज्जती हुई, हम असुरक्षित”
सरपंच सरिता राज सिंह दीवान का कहना है कि
“गांव वालों के सामने मेरी बेइज्जती की गई। मुझे जान से मारने की धमकी दी गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। ऐसे में हम खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”
ग्रामीणों का गुस्सा फूटा, 100 लोगों ने थाना घेरा
पुलिस की निष्क्रियता से नाराज होकर ग्राम भुरकोनी के लगभग 100 ग्रामीण सरपंच के समर्थन में बुंदेली थाना पहुंच गए। ग्रामीणों ने थाना परिसर में प्रदर्शन करते हुए आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने जिम्मेदारी टाली
मामले में चौकी प्रभारी ने कहा कि कार्रवाई एसडीओपी और मुख्य थाने के स्तर से होगी। वहीं एसडीओपी का कहना है कि मामले में प्रक्रिया जारी है, लेकिन कार्रवाई की समयसीमा नहीं बताई जा सकती।
बड़ा सवाल – क्या रेत माफिया के आगे बेबस है प्रशासन…?
घटना के बाद क्षेत्र में एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। यदि एक महिला सरपंच को खुलेआम धमकी दी जा रही है और पुलिस कार्रवाई में देरी कर रही है, तो आम ग्रामीणों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी…? क्या रेत माफिया का आतंक अब जनप्रतिनिधियों तक पहुंच गया….?



