लगभग 9 एकड़ में अफीम की खेती, ड्रोन से हो रही निगरानी, दो लोगों से पूछताछ जारी; विपक्ष ने साधा सरकार पर निशाना, जानिये पूरा मामला…?

दुर्ग// छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जेवरा-सिरसा पुलिस चौकी क्षेत्र के समुदाय ग्राम समोद में करीब 8 से 9 एकड़ जमीन पर अवैध अफीम की खेती मिलने की खबर से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिस खेत में अफीम की खेती पाई गई है वह ताम्रकार परिवार की जमीन बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में बृजेश ताम्रकार और विनय ताम्रकार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से इसी परिवार द्वारा उक्त जमीन पर खेती की जा रही थी।
ड्रोन कैमरों से हो रही निगरानी….
मामले की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया है। खेत और आसपास के इलाकों की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है ताकि अवैध खेती के वास्तविक रकबे और उससे जुड़े तथ्यों का सटीक आकलन किया जा सके। पुलिस और प्रशासन की टीम खेत की बारीकी से जांच कर रही है।
प्रदेश की राजनीति में भी मचा घमासान…
मामला सामने आते ही प्रदेश की राजनीति भी गर्मा गई है। बताया जा रहा है कि संबंधित परिवार का संबंध भारतीय जनता पार्टी से होने के कारण विपक्षी कांग्रेस ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और दुर्ग जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के भी मौके पर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस घटना को लेकर विपक्ष सरकार के “सुशासन” के दावों पर सवाल उठाने की तैयारी में है।
प्रदेश में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर मामला
जानकारों के अनुसार छत्तीसगढ़ में इतने बड़े क्षेत्रफल में अफीम की अवैध खेती मिलने का यह संभवतः पहला मामला है। यही कारण है कि प्रशासन इसे बेहद गंभीर और संवेदनशील प्रकरण मानते हुए हर पहलू से जांच कर रहा है।
बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका….
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि
अफीम की खेती कब से की जा रही थी,
इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं,
क्या इसका संबंध किसी बड़े अवैध नेटवर्क से है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। यदि अवैध खेती की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



