नल-जल योजना, स्थानीय रोजगार, उद्योग, महिला श्रमिकों और राजधानी के विज्ञापन पोल पर सरकार से मांगा जवाब!

कबीरधाम// पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा सत्र के तीसरे दिन जनहित से जुड़े अहम मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए एक के बाद एक प्रभावशाली प्रश्न रखे। नल-जल योजना की जमीनी हकीकत, गर्मी में पेयजल व्यवस्था, स्थानीय रोजगार, कबीरधाम जिले में उद्योगों की स्थिति, महिला श्रमिकों के अधिकार, इन्वेस्टर कनेक्ट और राजधानी रायपुर में लगे विज्ञापन पोल से होने वाली आय जैसे विषयों पर विधायक बोहरा ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।
नल-जल योजना पर तीखे सवाल, सरकार ने मानी धीमी प्रगति!
विधायक भावना बोहरा ने विधानसभा में प्रश्न किया कि पिछले 12 महीनों में कितने जिलों और शहरों में नल-जल योजना जोड़ी गई है, कितने जिलों में योजना पूरी हुई है और शेष जिलों में यह कब तक पूरी होगी। साथ ही उन्होंने आगामी ग्रीष्मकाल में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल आपूर्ति की तैयारियों पर भी सवाल उठाया।
लिखित जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि राज्य के सभी जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों को नल-जल योजना से जोड़ दिया गया है, लेकिन शहरों में यह योजना लागू नहीं है। किसी भी जिले में योजना अब तक पूर्ण नहीं हो पाई है और इसकी संभावित तिथि बताना संभव नहीं है। लक्ष्य पूर्ति में छत्तीसगढ़ वर्तमान में देश में 24वें स्थान पर है।
गर्मी से पहले पेयजल संकट से निपटने के लिए 15 मार्च से 15 अप्रैल तक विशेष हैंडपंप संधारण अभियान, क्लोरीनेशन, पाइपलाइन मरम्मत, टंकियों की सफाई और सतही जल स्रोतों के सुदृढ़ीकरण की जानकारी भी दी गई। इसके लिए करोड़ों रुपये की राशि नगरीय निकायों को आवंटित की गई है।
कबीरधाम में बड़े उद्योग नदारद, केवल 102 लघु उद्योग पंजीकृत!
कबीरधाम जिले में उद्योगों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए विधायक बोहरा ने पूछा कि जिले में कितने लघु, मध्यम और बड़े उद्योग संचालित हैं तथा उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए कौन-सी योजनाएं लागू हैं।
लिखित जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि जनवरी 2026 तक जिले में 102 लघु और केवल 1 मध्यम उद्योग पंजीकृत है, जबकि कोई भी बड़ा उद्योग नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य में वर्तमान में औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू है, जिसके तहत निवेश प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
महिला श्रमिकों के अधिकारों पर बड़ा खुलासा
महिला श्रमिकों के वेतन, सुरक्षा, यौन उत्पीड़न और मातृत्व अवकाश से जुड़े मामलों पर विधायक बोहरा ने सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी।
सरकार ने बताया कि पिछले दो वर्षों (2024-25) में महिला श्रमिकों से जुड़ी 289 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 250 का निराकरण किया गया। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि महिला श्रमिकों के लिए न तो कोई विशेष हेल्पलाइन है और न ही कोई ऑनलाइन शिकायत पोर्टल। हालांकि अधिकारों के उल्लंघन पर विभागीय कार्रवाई किए जाने की बात कही गई।
इन्वेस्टर कनेक्ट में लाखों करोड़ के MoU, ज़मीन पर सिर्फ 8 इकाइयां
इन्वेस्टर कनेक्ट और स्थानीय रोजगार के नियमों पर सवाल उठाते हुए विधायक भावना बोहरा ने पूछा कि निवेश सम्मेलनों में हुए MoU में से कितने धरातल पर उतरे हैं और स्थानीय युवाओं को 70% रोजगार देने के नियम का पालन कितना हुआ है।
सरकार ने बताया कि अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 तक कुल 5.51 लाख करोड़ रुपये के इन्विटेशन टू इन्वेस्ट जारी किए गए, लेकिन इनमें से केवल 12 इकाइयों को भूमि आबंटित हुई और सिर्फ 8 ने उत्पादन शुरू किया। स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के नियम के पालन के लिए पिछले तीन महीनों में 167 निरीक्षण किए गए, जिनमें किसी उल्लंघन की पुष्टि नहीं हुई।
राजधानी रायपुर के विज्ञापन पोल से लगभग 20 करोड़ की कमाई!
राजधानी रायपुर की सड़कों के डिवाइडर पर लगे विज्ञापन पोल को लेकर विधायक बोहरा ने पूछा कि क्या ये सभी शासकीय हैं और इससे कितनी आय हुई है।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि ये सभी पोल नगर पालिक निगम रायपुर के स्वामित्व के हैं और 9 फरवरी 2026 तक इनसे लगभग 19.90 करोड़ रुपये की आय हुई है। यह किराया निविदा प्रक्रिया के तहत अधिकतम दर देने वाली एजेंसियों से वसूला जा रहा है।
विधानसभा में विधायक भावना बोहरा की सक्रियता और जनहित के मुद्दों पर सरकार से सीधे सवालों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वे पंडरिया ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की आवाज़ बनकर मजबूती से खड़ी हैं।



