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सरकारी भूमि पर प्लाटिंग..? भवन अधिकारी गिरीश दीवान और निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल की अनदेखी ‘संयोग’ है या ‘सिस्टम’…?

दुर्ग// दुर्ग शहर क्षेत्र के घनी आबादी वाले वार्ड गया नगर क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग एवं शासकीय भूमि पर कब्जे का खेल अब खुलेआम खेला जा रहा है। गया नगर मुक्ति धाम के पास स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 838 में पूसई डबरी को पाटकर अवैध कॉलोनी की नींव डाल दी गई है। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्य न सिर्फ प्रशासन की लापरवाही बल्कि भवन विभाग और तहसील कार्यालय की मिलीभगत से संभव हो रहा है।

पूर्व वार्ड पार्षद एवं भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश देवांगन ने इस अवैध कार्य की शिकायत निगम प्रशासन से की थी। परंतु निगम की “कार्रवाई” मात्र एक औपचारिक बोर्ड लगाने तक सीमित रही, जिसे अब अवैध प्लाटिंग करने वालों ने भी बोर्ड को हटा दिया है।

निगम के भवन अधिकारी गिरीश दीवान वर्षों से इस पद पर हैं, परंतु उनके कार्यकाल में अवैध प्लाटिंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। विभागीय कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर अवैध कब्जा बढ़ता जा रहा है। चर्चा है कि अवैध प्लाटिंग करने वाले कुछ कर्मचारियों से ‘गुप्त सौदेबाजी’ कर प्रकरणों को रफा-दफा करने में लगे हैं।

वहीं, निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल पर भी सवाल उठ रहे हैं, छोटे कर्मचारियों पर त्वरित नोटिस जारी करने वाले आयुक्त करोड़ों की शासकीय भूमि पर कब्जे के मामलों में अब तक मौन क्यों हैं..? क्या निगम की यह चुप्पी किसी बड़े आर्थिक लेनदेन की आहट है..?

प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी, जो पूर्व IAS अधिकारी रहे हैं, हाल ही में अवैध प्लाटिंग और अवैध कॉलोनी पर रोक लगाने की बात सोशल मीडिया पर कही थी। लेकिन शहर में जारी यह दृश्य उस कथन को चुनौती देता है। सवाल यह भी है कि जब छोटे दुकानदारों और ठेले वालों पर निगम प्रशासन तत्काल कार्रवाई कर देता है, तो सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं होती..?

अगर यही हाल रहा, तो भ्रष्टाचार और मिलीभगत का यह खेल न केवल दुर्ग निगम की छवि पर प्रश्नचिह्न लगाएगा, बल्कि भाजपा सरकार की सुशासन की नीति पर भी कलंक बन सकता है।

गया नगर के मुक्ति धाम के पास खसरा नंबर 838 पूसई डबरी (तलाब) की सरकारी भूमि पर अवैध प्लाटिंग शुरू।

निगम भवन अधिकारी गिरीश दीवान और आयुक्त सुमित अग्रवाल की निष्क्रियता पर सवाल।

भाजपा के वरिष्ठ पूर्व पार्षद दिनेश देवांगन की शिकायत भी रही बेअसर…?

प्रशासन की कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित..?

वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देशों को भी नज़रअंदाज़ कर रहा स्थानीय तंत्र।

Dhanendra Namdev

Editor, IND24tv.com

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