औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की पोल, प्राचार्य-शिक्षकों को फटकार…?


दुर्ग// जिले में संचालित 10वीं एवं 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बीच जिला शिक्षा अधिकारी अरविन्द मिश्रा ने विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर शिक्षा व्यवस्था की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन, शिक्षण गुणवत्ता और परीक्षा तैयारी में पाई गई गंभीर लापरवाहियों पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाया।
निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का अवलोकन करते हुए बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कमजोर छात्रों को चिन्हांकित कर सीमित पाठ्यक्रम की सतत तैयारी, प्रतिदिन 5 प्रश्न गृहकार्य में देने तथा शिक्षकों द्वारा रोजाना मूल्यांकन कर कमियों को दूर करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुरई में कक्षा 12वीं कला संकाय का 50 प्रतिशत से कम परिणाम पाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने शिक्षकों को उत्तर लेखन पैटर्न का नियमित अभ्यास, पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्र हल करवाने और परीक्षा उन्मुख तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा।
औचक निरीक्षण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोड़िया में गंभीर लापरवाही सामने आई, जहां 10वीं कक्षा के छात्रों को परीक्षा के दौरान समय से पहले घर भेज दिया गया। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राचार्य एवं शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न करने की चेतावनी दी।
वहीं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोरसी में शिक्षक कक्षा छोड़कर स्टाफ रूम में बैठे पाए गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने अनावश्यक रूप से स्टाफ रूम में बैठने पर नाराजगी जताते हुए समय पर कक्षा में उपस्थित रहने के सख्त निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान सभी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शालाओं के संस्था प्रमुखों को मध्यान्ह भोजन निर्धारित मीनू अनुसार प्रदान करने, विद्यार्थियों से बारहखड़ी, पहाड़ा, पुस्तक वाचन का नियमित अभ्यास कराने, शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शिक्षकों की वीएसके पोर्टल के माध्यम से समय पर उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।



