त्यौहारों से पहले साफ-सफाई व सौंदर्यीकरण कर प्रारंभ हो विशेष मार्केट:– पायल जैन

महापौर अलका बाघमार से कैट महिला इकाई अध्यक्ष पायल जैन ने की मुलाकात!
महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम से सहयोग की अपेक्षा!
दुर्ग// नगर पालिक निगम दुर्ग की महापौर अलका बाघमार से आज कैट दुर्ग महिला इकाई की अध्यक्ष पायल जैन ने उनके चेम्बर में सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने शहर के सर्वांगीण विकास के लिए महापौर अलका बाघमार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की और महिला उद्यमिता को नई दिशा देने संबंधी कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे।
महिला उद्यमिता को मिला नया आयाम!
पायल जैन ने कहा कि कैट दुर्ग महिला इकाई लगातार स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत कार्य कर रही है। संगठन द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और टोकन अमाउंट पर आयोजित प्रदर्शनियों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इन आयोजनों से महिला उद्यमियों की अच्छी-खासी बिक्री होती है और उन्हें शहर के प्रतिष्ठित नागरिकों से जुड़ने का भी अवसर मिलता है। इससे वे अपने उत्पादों की सालभर लगातार मार्केटिंग कर पाती हैं।
हैंडीक्राफ्ट मार्केट प्रारंभ करने का सुझाव!
पायल जैन ने महापौर से आग्रह किया कि उतई टेम्पो स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर के पीछे जहां कई वर्षों से गुमटियाँ पड़ी हुई हैं, वहाँ की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण कर त्यौहारों से पूर्व हैंडीक्राफ्ट मार्केट शुरू किया जाए। इससे स्थानीय महिला उद्यमियों और गृह उद्योगों को अपने उत्पाद बेचने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
स्थायी एक्जीबिशन डोम की आवश्यकता!
उन्होंने आगे सुझाव दिया कि शहर में एक उपयुक्त स्थान चिन्हित कर स्थायी एक्जीबिशन डोम का निर्माण कराया जाए। इस सुविधा से समय-समय पर महिला उद्यमियों और गृह उद्योगों द्वारा प्रदर्शनियों का आयोजन सुगमता से हो सकेगा और स्थानीय हस्तशिल्प एवं उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकेगी। इस अवसर पर अध्यक्ष पायल जैन, महामंत्री गुंजा पिंचा, कोषाध्यक्ष अमीना हिरानी, एमएसएमई मो. अली हिरानी मौजूद रहें।
महापौर से सहयोग की अपेक्षा!
पायल जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि महापौर अलका बाघमार इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार करेंगी और दुर्ग नगर निगम महिला उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि महापौर के सहयोग से न सिर्फ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी बल्कि शहर के आर्थिक व सांस्कृतिक विकास को भी नई गति मिलेगी।



